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दूषित भोजन खाने से 40 से अधिक बच्चे बीमार, हॉस्टल प्रबंधन के विरुद्ध कार्यवाही करने का कलेक्टर ने जारी किया आदेश, सभी छात्र हॉस्पिटल में एडमिट

अनिल गुप्ता@दुर्ग. दूषित भोजन खाने से 40 से अधिक बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मामला भिलाई के स्मृतिनगर का है। जिसके बाद दुर्ग जिले के स्वास्थ्य विभाग का अमला हरकत में आया है। और जिला कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर हॉस्टल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने का आदेश जारी कर दिया है।

40 से अधिक की बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत

भिलाई के स्मृतिनगर थाना क्षेत्र में आज एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल 40 से अधिक बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत पर उन्हें समीप के ही हाईटेक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। और जब डॉक्टरों की टीम ने जांच किया। तब मालूम हुआ कि सभी बच्चे फ़ूड पॉइजनिंग का शिकार हुये हैं। बालोद निवासी कामिनी की मौत के बाद इधर जिले का स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हुआ और आनन फानन में हाइटेक हॉस्पिटल पहुँचकर बच्चों का हालचाल जाना और बीमारी की गंभीरता की जानकारी ली। रस्तोगी नर्सिंग कॉलेज के 7 हॉस्टल शहर में संचालित है। इन सभी हॉस्टलों में एक ही मेस से खाना बच्चों के लिए जाता है। यह भी जांच का विषय है, कि इसी मेस से किस तरह के भोजन का वितरण किया जाता है। वही हॉस्टल में पीने के पानी की स्थिती भी खराब हैं। इन सभी बिंदुओ पर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा गंभीरता से जांच किये जाने की बात कहीं जा रही है। इस घटना के बाद में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने शहर में संचालित ऐसे सभी कॉलेजों और हॉस्टलों में जांच कराये जाने का निर्देश जारी कर दिया है। बच्चों को फ़ूड पॉइजनिंग की शिकायत होने की जानकारी प्राप्त होने पर भिलाई निगम महापौर नीरज पाल भी निगम के स्वास्थ्य अमले के साथ हॉस्पिटल पहुँचे। और मेडिकल टीम से चर्चा कर बच्चों की तबियत और उपचार की जानकारी ली।

हॉस्टल संचालक की लापरवाही हुई उजागर

भिलाई नगर निगम के उप आयुक्त अशोक द्विवेदी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुये कहा है, कि इस मामले में हॉस्टल संचालक की लापरवाही साफ उजागर हुई है। जिसके बाद जांच उपरांत नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

एजुकेशन हब के नाम से भिलाई की पहचान

भिलाई शहर की पहचान एजुकेशन हब के नाम से होती है और यहाँ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बचने पढ़ने आते हैं। जिसके कारण हॉस्टल की काफी डिमांड है। और भोजन और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी का भी ध्यान नहीं है। और इसका उदाहरण आज तब देखने को मिला। जब रस्तोगी और वेद हॉस्टल में रहने वाले 45 से भी ज्यादा बच्चे फ़ूड पॉइजनिंग का शिकार होकर हॉस्पिटल में भर्ती हुये। जिसमें एक बच्ची की मौत भी हो गई। घटना के बाद इधर वेद हॉस्टल के संचालक श्रीनि नायर अपनी गलती मानने पर टाल मटोल करते रहे। उसके बाद इस बात को स्वीकार किया है कि भोजन दूषित नहीं था। लेकिन पेयजल में कोई समस्या जरूर होगी।

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