बिलासपुर— राज्य में धर्मान्तरण की लगातार शिकायतें मिल रही है। बस्तर क्षेत्र से आदिवासी समुदाह के लोगों ने रायपुर पहुंचकर शिकायत की है। धर्मान्तरम रोके जाने की जरूरत है। संविधान में प्रावधान भी है। यह बातें राज्यपाल अनुसुइया उइके ने वनवासी समिति के कार्यक्रम के दौरान कही। राज्यपाल ने बताया कि झीरम काण्ड रिपोर्ट यदि जल्दबाजी में जमा किया गया है तो इसका जवाब जस्टिस प्रशांति मिश्रा ही पूछें।राज्यपाल अनुसुइया उइके एक दिन प्रवास पर बिलासपुर पहुंची। उन्होने सरस्वती स्कूल प्रांगण में आयोजित वनवासी समिति के कार्यक्रम में शिरकत किया। अपने भाषण के दौरान अनुसुइया उइके ने धर्मान्तरण को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होने भगवान बिरसा मुण्डा को याद किया। साथ ही आजादी के आन्दोलन में आदिवासियों को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का नायक बताया।
इस दौरान आदिवासी परम्परानुसार रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
क्या प्रदेश में धर्मान्तरम बड़ी समस्या है और आप इस बात को लेकर बहुत दुखी है। सवाल के जवाब में उन्होेने कहा कि पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से इस प्रकार की जानकारी मिल रही है। बस्तर क्षेत्र के आदिवासी रायपुर आकर धर्मान्तरण को लेकर दुख जाहिर किया है। जबकि संविधान में इसके खिलाफ प्रावधान भी है।
झीरम काण्ड जांच रिपोर्ट अधूरा और जल्दबाजी में क्यों सौंपा गया। सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि चार हजार से अधिक पेज है। छुट्टियां थी..इसलिए पढ़ने का अवसर भी नहीं मिला। कम समय में रिपोर्ट पढ़ना मुश्किल भी था। लीगल एडवाइस के बाद रिपोर्ट सरकार के हवाले कर दिया गया है। अधूरी रिपोर्ट जल्दबाजी में क्यों जमा की गयी। जबकि यह तो अभी मात्र रिकार्ड के स्वरूण में ही है। राज्यपाल ने कहा इसका जवाब जस्टिस प्रशांत मिश्रा से ही मांगे।
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