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पांच आईएएस, तीन आईपीएस, एक आईएफएस निशाने पर

नेशन अलर्ट/9770656789.
जनचर्चा…

प्रदेश के हालात कैसे हैं यह जानने समझने से बेहतर है कि आप अधिकारियों के हालात कैसे हैं अथवा कैसे हो सकते हैं यह समझने का प्रयास करिए। जनचर्चा बताती है कि प्रदेश में अखिल भारतीय सेवा के जो अधिकारी पदस्‍थ हैं इन दिनों डरे सहमें से हैं।

हो भी क्‍यूं न… दरअसल, दिल्‍ली की निगरानी टीम ने दल्‍ली तक नजर गड़ा कर रखी है। इसी गड़ी हुई नजर में जो कुछ देखने सुनने मिल रहा है वह अधिकारियों के लिए भूत सा हो गया है। जैसे भूत मारता नहीं डराता है ठीक उसी तरह अधिकारी मर नहीं रहे हैं डर रहे हैं।

जब जनचर्चा में यह बात पता चली तो यह पता करने का प्रयास किया गया कि किन किन अधिकारियों की कुंडली निकाल ली गई है… और किन किन पर शनि, राहु, केतु की वक्र दृष्टि‍पड़ रही है तो कई चौंकाने वाले नाम उजागर हुए। अब नाम तो यहां नहीं छाप सकते क्‍यूंकि अभी लिखा पढ़ी का मामला नहीं हुआ है इसकारण सतर्कता दुर्घटना से भली होती है कि तर्ज पर सां‍केतिक भाषा में समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

समझने और समझाने के इसी प्रयास में जो जानकारी मिली है वह क्‍या आईएएस… क्‍या आईपीएस… और क्‍या आईएफएस… सबके संबंध में गठबंधनकारी नजर आती है। गठबंधन नीचे से हो अथवा ऊपर से यह तो नहीं जानते लेकिन इतना पता चला है कि पांच आईएएस अफसर दिल्‍ली की निगरानी में हैं।

इसी तरह तीन आईपीएस अफसर और एक आईएफएस अफसर हर पल हो रही निगरानी से बच नहीं पा रहे हैं। इन सबकी कुंडली पूरी तरह से तैयार कर ली गई है ऐसा ऊपर के लोग बताते हैं। अब कितनी कुंडली है, किसकी कुंडली है, कुंडली में क्‍या क्‍या है भले ही अभी कोई नहीं जानता लेकिन दिल्‍ली तक की दौड़ लगाने वाले सूत्रधार बताते हैं कि नया वर्ष इन अधिकारियों के लिए नहीं बल्कि इनसे पीडि़त प्रताडि़त रहे लोगों के लिए नई खुशियां लेकर आएगा।

देखते हैं होता है क्‍या ?

http://www.nationalert.in/?p=10927