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पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार को वापस दिलाये 10.49 लाख रूपए, सक्रियता के चलते मिली सफलता
CYBER POLICE

रायपुर। जिला पुलिस के एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट ने सपोर्ट एप के जरिए रकम गंवाने वाले खातेदार को 10.49 लाख रूपए वापस लौटाने में अहम भूमिका निभाई।

पुलिस के मुताबिक अशोका हाईट्स मोवा निवासी सुदर्शन जैन ने छह जनवरी को साईबर यूनिट में इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन नम्बर 9643979797 के अज्ञात धारक ने सुदर्शन के मोबाइल फोन पर OTP भेजा और क्विक-सपोर्ट एप डाउनलोड कराकर आवेदक के खाते एवं क्रेडिट कार्ड से कुल 14.49 लाख रूपए उड़ा दिए। छह जनवरी को एक ओटीपी कस्टमर आइडी जानने के लिए मिला। उन्होंने कोई रिक्वेस्ट नहीं किया था। ऐसे में बैंक जाकर शिकायत की। बैंक वालों ने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलने की सलाह दी। प्रार्थी ने अपने खाते से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलने के लिए आवेदन दिया। गूगल से कस्टमर केयर नंबर निकालकर पेटीएम का नंबर बदलने रिक्वेस्ट किया। इस प्रोसेस में रुपये निकाल लिए गए थे।

साईबर विंग द्वारा शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सुदर्शन जैन से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर लेन-देन एवं अन्य सभी जानकारियां ली। इनमें वे खाते भी थे, जिनमें सुदर्शन ने रकम ट्रांसफर किया था। साइबर विंग के निरीक्षक गौरव तिवारी, आर. नितेश सिंह राजपूत, रवि प्रभाकर एवं बबीता देवांगन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए ठगी की रकम को होल्ड कराकर आवेदक के खाते में अब तक कुल 10,49,272/- रूपए वापस (REFUND) कराया। पुलिस के मुताबिक ठगी की शेष रकम को भी आवेदक के खाते में वापस कराने हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

दरअसल साइबर ठगी के शिकार लोग अगर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को या फिर राष्ट्रिय एजेंसी के टोल फ्री नंबर पर दे दें तो संबंधित कहते से जहां भी रकम ट्रांसफर की गई है, उसे होल्ड करा दिया जाता है। ऐसे में गंवाई हुई रकम को बचाया जा सकता है। साइबर पुलिस की यही सक्रियता काम आयी और ठगी गई रकम वापस कराई जा सकी।

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