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BJP में बड़ी चर्चा: क्या तेलंगाना में सीएम फेस होंगी पुरंदेश्वरी? ओम माथुर से छत्तीसगढ़ भाजपा को क्या फायदा हो सकता है… पढ़ें यहां

रायपुर। भाजपा ने छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को बदल दिया है। क्यों? इस सवाल का जवाब न िसर्फ भाजपा, बल्कि विपक्ष के लोग भी तलाशने में जुट गए हैं। राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा की बड़ी सभा या रोड शो की चर्चा के बजाय लोगों में यह चर्चा हो रही है कि पुरंदेश्वरी को अचानक क्यों बदल दिया गया। ऐसे समय में जब राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्‌डा छत्तीसगढ़ में ही कार्यक्रम कर रहे हैं। पुरंदेश्वरी को बदलने की खबर भी ऐसे समय में आई, जब वे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में नड्‌डा के साथ ही बैठक में शामिल थीं। NPG.NEWS ने जब यह टटोलने की कोशिश की तो एक गंभीर तर्क यह सुनने को मिला कि वह तेलंगाना में भाजपा का चेहरा हो सकती हैं। पुरंदेश्वरी तेजतर्रार हैं। मोदी-शाह की करीबी हैं। हाल ही में शाह जब तेलंगाना दौरे पर थे तो उनके घर भी गए थे। परिवार के लोगों से मुलाकात की थी। हालांकि तस्वीर जूनियर एनटीआर के साथ आई थी। जूनियर एनटीआर पुरंदेश्वरी के बड़े भाई हरिकृष्णा के बेटे हैं। पुरंदेश्वरी यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना में भी चुनाव होेने हैं। संभवत: तेलंगाना में चुनावी तैयारियों की कमान संभालने के उद्देश्य से उन्हें यहां की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। इससे पहले ओडिशा में भी प्रभारी के रूप में सुनील बंसल की नियुक्ति की जा चुकी है।

अब ओम माथुर के बारे में भी जान लीजिए…

ओम माथुर भाजपा संगठन के बड़े घुटे हुए नेता हैं। उम्र 70 साल है यानी अनुभव में कहीं कोई कमी नहीं है। भैरो सिंह शेखावत से उन्होंने राजनीति का क ख ग सीखा, फिर अपनी बखत बनाई। दो बार के राज्यसभा सांसद हैं। इस बार उन्हें जब मौका नहीं मिला, तब राजस्थान में चर्चा थी कि क्या उन्हें मार्गदर्शक मंडल में डाला जाएगा? कुछ जानकार यह भी मान के चल रहे थे कि उन्हें कहीं का राज्यपाल बनाया जा सकता है। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। केंद्रीय चुनाव समिति में उन्हें शामिल किया गया। यह भाजपा की पॉवरफुल कमेटियों में से एक है, जो चुनावी रणनीति बनाती है। माथुर को रणनीतिकार माना जाता है। मोदी-शाह के करीबी नेता हैं। छत्तीसगढ़ में सवा साल बाद चुनाव हैं। माथुर चुनाव समिति में हैं, इसलिए जाहिर है कि वे सीधे मोदी-शाह के निर्देशन में यहां का कामकाज देखेंगे। सबसे मुद्दे की बात यह जान लीजिए कि माथुर उत्तरप्रदेश के प्रभारी रह चुके हैं और वहां सरकार बनाने में इन्हें भी हीरो माना जाता है। नरेंद्र मोदी जब तीसरी बार गुजरात के सीएम बने, तब गुजरात के संगठन प्रभारी माथुर ही थे। महाराष्ट्र में भी प्रभारी रह चुके हैं। रिजल्ट ओरिएंटेड माने जाते हैं। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता मानते हैं कि इसका फायदा उन्हें मिलेगा। वैसे, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी संगठन की कसावट में जुटे हुए हैं।

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