राजनांदगांव। ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत शुक्रवार को जिला पंचायत राजनांदगांव के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल विवाह रोकने के लिए विधिक प्रावधानों, प्रशासनिक रणनीतियों और समाज के हर वर्ग की सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से शपथ भी दिलाई गई।
कानूनी पहलुओं और अधिनियम की दी गई जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती प्रीति नागवंशी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बाल विवाह शून्यीकरण की विधिक प्रक्रिया और ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून के मुताबिक 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। कम उम्र में विवाह होने से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है और उनके शारीरिक, मानसिक व सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह बच्चों के मूल अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
सामूहिक जिम्मेदारी और विभागों की भूमिका
यूनिसेफ (महिला एवं बाल विकास विभाग, रायपुर) के कंसल्टेंट श्री शशांक शर्मा ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, सामाजिक संगठनों और पूरे समुदाय को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतों की भूमिका रेखांकित करते हुए कहा कि ग्राम सभाओं में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और विवाहों की निगरानी व जानकारी जुटाने में सहयोग करना आवश्यक है।
विवाह पंजी अनिवार्य रूप से संधारित करने के निर्देश
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती दीपा शाह ने जिले को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने सभी पंचायतों में ‘विवाह पंजी’ अनिवार्य रूप से संधारित करने और प्रत्येक ग्राम सभा में बाल विवाह के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए प्रेरित किया।
इन बिंदुओं पर विशेष जोर:
जागरूकता अभियान: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को इसके कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों से अवगत कराना।
चाइल्ड हेल्पलाइन का उपयोग: नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास होने वाले किसी भी संभावित बाल विवाह की जानकारी न छिपाएं। ऐसी सूचना तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें।
