राजनांदगांव। यूजीसी के नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल अब सामाजिक एकजुटता का रूप लेने लगे हैं। राजनांदगांव में मठपारा स्थित परशुराम भवन में आयोजित बैठक में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे समाज प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। बैठक में नियमों की कमियों, उनके क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के मुद्दे उठे। चर्चा केवल विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि सर्व समाज ने अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। बैठक में उठी आवाज के केंद्र में सवाल था कि शिक्षा से जुड़े नियमों में पारदर्शिता, समान अवसर और सभी पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
नियमों पर सवाल, निष्पक्ष समीक्षा की मांग
बैठक में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था के नियम किसी भी वर्ग के मन में अन्याय या भेदभाव की आशंका पैदा करने वाले नहीं होने चाहिए। नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और निष्पक्ष शैक्षणिक वातावरण देना होना चाहिए। यदि किसी प्रावधान को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो उनकी अनदेखी करने के बजाय निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए।
निष्पक्ष सुनवाई हो, सामानता बनी रहे
बैठक में जिले के शिक्षाविद नीरज बाजपेयी ने कहा कि यूजीसी के नियमों को लेकर उठ रही आपत्तियों पर व्यापक चर्चा जरूरी है। शिकायतों की जांच की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के साथ निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। नियमों के दुरुपयोग की आशंका को दूर करने के लिए स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए, ताकि किसी निर्दोष को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी पुनर्विचार और सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया।
बैठक से प्रशासन तक पहुंचा विरोध
परशुराम भवन में जुटे प्रतिनिधियों ने यूजीसी के नियमों और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। सर्व समाज की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नियमों में सुधार की मांग की गई। प्रतिनिधियों का जोर इस बात पर रहा कि शिक्षा नीति और उससे जुड़े प्रावधानों पर निर्णय लेते समय सभी वर्गों की आशंकाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की मौजूदगी ने इस मुद्दे पर सामूहिक चर्चा की आवश्यकता को सामने रखा। अब ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई मांगों पर संबंधित प्राधिकारियों का रुख महत्वपूर्ण होगा। समाज के प्रतिनिधियों की मांग है कि यूजीसी के नियमों की समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और सभी के अधिकारों का संतुलन बना रहे।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाज के प्रतिनिधि
सर्व समाज की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत तिवारी, संजय बहादुर सिंह, दशरथ शर्मा, महेश शर्मा, राज कुमार शर्मा, आलोक तिवारी, महेंद्र शुक्ला, रूपेश दुबे, विवेक शर्मा, गौरव पचौरी, विजय शर्मा, पीयूष शर्मा, विजय अग्निहोत्री और अरविंद मिश्रा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

