राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजनांदगांव जिले ने विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ऊर्जा, आवास और कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में जिले ने नई ऊंचाइयां छुई हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में जिले के 21,328 ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सौगात मिली है, वहीं 9135 शहरी परिवारों का भी घर का सपना पूरा हुआ है। प्रशासन की यह पहल आवासहीन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनी है।
कृषक उन्नति योजना के तहत जिले के 1,25,611 किसानों से 70,14,916 मि्ंटल धान की खरीदी की गई। किसानों को 3100 रुपये प्रति मि्ंटल की दर से कुल 61739.23 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ है।
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिले की 2,54,992 महिलाओं को अब तक 21 किस्तों में कुल 24 करोड़ 8 लाख 35 हजार 200 रुपये का भुगतान किया गया है। राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत 907 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम ढाबा (डोंगरगढ़ रोड) में 100 मेगावॉट एसी/155 मेगावॉट डीसी सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया गया है। यह देश का पहला ऑनग्रिड सोलर सिस्टम है, जिसमें बैटरी स्टोरेज की सुविधा के साथ रात्रि में भी बिजली प्रदाय संभव होगा। परियोजना से प्रतिदिन 5 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे क्षेत्र के हजारों घरों को लाभ मिलेगा।
जिले में पोट्ठ लईका पहल के तहत चल रही पोषण मुहिम से 65.81 प्रतिशत बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ गए हैं। पालक चौपाल और पोषण परामर्श के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ी है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी से इस पहल को राज्य स्तर पर भी सराहना मिली है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले की 39,771 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। इनमें से 208 महिलाएं सालाना 5 लाख रुपये से अधिक और 26 महिलाएं 10 लाख रुपये से अधिक का कारोबार कर रही हैं। यह ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 9 लाख 25 हजार 688 आयुष्मान कार्ड और 23 हजार 825 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए गए हैं। पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले के विद्यार्थियों को जेईई और नीट की तैयारी के लिए 11 निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सेंटर की सुविधा दी जा रही है। प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र अब प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर पा रहे हैं।
मिशन जल रक्षा के तहत जिले में जल संरक्षण के लिए सैकड़ों संरचनाओं का निर्माण जनसहभागिता से किया गया है। इस प्रयास के लिए राजनांदगांव जिले को राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया है।
राजनांदगांव जिला आज छत्तीसगढ़ के प्रगतिशील जिलों में शुमार है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी से यह जिला विकास की नई इबारत लिख रहा है।

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