राजनांदगांव। नगर निगम में राजस्व वसूली की धीमी रफ्तार पर आयुक्त जीआर मरकाम ने नाराजगी जताई है। निगम सभागृह में शनिवार को आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने वार्डवार वसूली की जानकारी ली। इस दौरान सामने आया कि माह के 16 दिनों में केवल 43 लाख रुपये की वसूली हुई है। आयुक्त ने इसे बेहद कम बताते हुए बड़े बकायादारों को दो दिन के भीतर डिमांड नोटिस तामील कराने और बकाया राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आयुक्त मरकाम ने सहायक राजस्व निरीक्षकों से उनके प्रभार वाले वार्डों में वसूली की स्थिति और कम वसूली के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारियों का वेतन भुगतान हर महीने होने वाली राजस्व वसूली पर निर्भर करता है। ऐसे में वसूली की रफ्तार कम रहने से वेतन भुगतान में कठिनाई हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में कर्मचारियों के प्रयासों से अच्छी वसूली हुई थी। पिछली समीक्षा बैठक में महापौर ने भी कम वसूली करने वाले कर्मचारियों को बेहतर योजना बनाकर मेहनत से काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इस महीने वसूली संतोषजनक नहीं है। आयुक्त ने चेतावनी दी कि कम वसूली करने वाले सहायक राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।
आयुक्त ने सभी राजस्व प्रभारियों को अपने-अपने वार्ड के बड़े बकायादारों को दो दिन के भीतर डिमांड नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए। बकायादारों को समझाइश देने के लिए कहा कि निर्धारित समय में करों का भुगतान नहीं करने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व अधिकारी मोबिन अली और सहायक राजस्व अधिकारी हितेश ठाकुर को टीम गठित कर बड़े बकायादारों से वसूली कराने के निर्देश दिए गए। राजस्व अधिकारी ने कहा कि कुछ सहायक राजस्व निरीक्षक अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ की वसूली अब भी काफी कम है। कुछ कर्मचारियों द्वारा मांग के अनुरूप पोस्टिंग भी नहीं की जा रही है।
उन्होंने प्रत्येक सहायक राजस्व निरीक्षक को अपने वार्ड के कम से कम 20 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर डिमांड नोटिस जारी करने और उसके आधार पर वसूली करने को कहा। साथ ही घर-घर जाकर वसूली करने, चेक और ऑनलाइन भुगतान लेने तथा बड़े बकायादारों के यहां टीम के साथ पहुंचने के निर्देश दिए।
बैठक में राजस्व उप निरीक्षक और सहायक राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।

